विश्व मधुमेह दिवस 2021 जानता है इसका महत्व और इतिहास

विश्व मधुमेह दिवस 2021 का महत्व, विषय और इतिहास: मधुमेह आज एक बहुत ही आम बीमारी हो गई है। विश्व मधुमेह दिवस हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर साल 40 मिलियन लोग मधुमेह से मरते हैं। इस बीमारी का मुख्य कारण खराब और बदलती जीवनशैली है। लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरुकता पैदा करना बेहद जरूरी है। विश्व मधुमेह दिवस 2021 हर साल लोगों को इस बीमारी के बारे में जानकारी देने के लिए मनाया जाता है।

विश्व मधुमेह दिवस का इतिहास
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 2014 से अब तक लगभग 422 मिलियन लोग मधुमेह से प्रभावित हुए हैं। इस दिन को 1991 में मनाया जाने लगा। अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मधुमेह के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस दिन को मनाना शुरू कर दिया है। लोगों के बीच। 14 नवंबर, 1922 को इंसुलिन की खोज करने वाले वैज्ञानिक सर फ्रेडरिक पोंटिंग का जन्मदिन था। शरीर में शुगर की सही मात्रा को बनाए रखने में इंसुलिन अहम भूमिका निभाता है।

जानिए क्या है इस बार की थीम
हर साल विश्व मधुमेह दिवस मनाने के लिए इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन की एक विशेष थीम है। इस वर्ष की थीम है ‘मधुमेह के उपचार तक पहुंच, अभी नहीं तो कब?’

ऐसा माना जाता है कि दुनिया में हर 10 में से एक वयस्क मधुमेह से पीड़ित है। यह लोगों में महामारी के रूप में फैल रहा है। यह हृदय, मस्तिष्क, गुर्दे और आंखों जैसे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इससे कभी-कभी मौत भी हो सकती है। इससे बचने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की कोशिश करें। आप पौष्टिक आहार खाकर, नियमित रूप से व्यायाम करके और अपने जीवन को संतुलित करके मधुमेह से बच सकते हैं।

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